इंद्र की पूजा का निषेध कर गोवर्धन नाथ की कराई पूजा
देवरिया।स्थानीय रूद्रपुर टैक्सी स्टैंड पर चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के क्रम में वृंदावन धाम से पधारे हुए राघवेंद्र शास्त्री ने श्रीमद् भागवत कथा का श्रद्धालुओं को रसपान कराते हुए कहा कि इंद्र की पूजा का निषेध करके भगवान ने गोवर्धन नाथ की पूजा प्रारंभ कराया इंद्र क्रोध करके मेघना को भेजो भयंकर बरसात हुई बृजवासी परेशान होकर भगवान कृष्ण की शरण में गए कृष्ण ने सबको लेकर गोवर्धन नाथ की शरण में चले गए और गिरिराज को उठाया सात दिनों तक भयंकर वर्षा हुई भगवान ने गोवर्धन को पुनः अपने स्थान पर रख दिया इंद्र ने आकर भगवान श्री कृष्ण से क्षमा प्रार्थना किया कथा को आगे बढ़ते हुए रास प्रसंग कृष्ण का मथुरा गमन कंस का वध और अपने नाना को जेल से मुक्त करा कर राजा बनाया यज्ञोपवीत संस्कार गुरुकुल जाना विद्या प्राप्त करके मथुरा आना उधो को वृंदावन भेजना गोपी उद्धव संवाद जरासंध का मथुरा पर आक्रमण सबका द्वारका गमन की राजकुमारी और रुक्मणी से विवाह की कथा सुने कथा के दौरान मुख्य यजमान विवेकानंद तिवारी, उषा तिवारी, आजनेय दास जी महाराज, रविंद्र रावत, रमेश तिवारी अनजान, नित्यानंद तिवारी , शिवानंद तिवारी,अखिला नंद तिवारी, संपूर्णानंद तिवारी,कृपानंद तिवारी, धर्मवीर सिंह सभासद, विजय सिंह रिंकू, रामेश्वर यादव, गंगा मद्धेशिया, इंद्रजीत उपाध्याय, विद्यानंद पांडे, विजयकांत मिश्रा सहित अन्य श्रद्धालु भक्तजन उपस्थित रहे।




















































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