सरस्वती शिशु मंदिर का वार्षिकोत्सव एवं माता-पिता पुत्र पुत्री सम्मेलन का हुआ आयोजन
देवरिया।वार्षिकोत्सव कार्यक्रम बच्चों के संस्कार, शिक्षा और गौरवशाली भारतीय संस्कृति को प्रदर्शित करने का एक भव्य मंच है - डा. सौरभ मालवीय
- छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, लोक नृत्य और प्रेरक नाटक प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया
बरहज, देवरिया I बरहज नगर के रेलवे स्टेशन रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में रविवार को वार्षिकोत्सव एवं माता-पिता-पुत्र/पुत्री सम्मेलन का आयोजन हुआ I कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच माँ सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई I विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति गीत, लोक नृत्य (जैसे भांगड़ा, गरबा), और प्रेरक नाटक प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया I वहीँ विज्ञान और कला से जुड़ी प्रदर्शनी के माध्यम से बच्चों ने अपनी सृजनात्मकता दिखाई । इस अवसर पर पूरे वर्ष शैक्षणिक, खेलकूद और अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 'भैया-बहनों' (छात्रों) को मेधावी सम्मान भी दिया गया I कार्यक्रम के मुख्यातिथि विद्या भारती पूर्वी उत्तर क्षेत्र के मंत्री डा. सौरभ मालवीय ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर का उद्देश्य संस्कार युक्त शिक्षा के साथ- साथ बच्चों में प्राचीन भारतीय मूल्यों और राष्ट्रवादी सोच को विकसित करना है I यह वार्षिकोत्सव एवं माता-पिता-पुत्र/पुत्री सम्मेलन केवल एक मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि बच्चों के संस्कार, शिक्षा और गौरवशाली भारतीय संस्कृति को प्रदर्शित करने का एक भव्य मंच होता है। इन आयोजनों में मुख्य रूप से देशभक्ति, नैतिकता और अनुशासन की झलक दिखाई देती है तो वहीँ बच्चों को माता-पिता के प्रति उनके कर्तव्यों की याद दिलाते हैं, पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करते हैं और सामाजिक मेलजोल का एक माध्यम बनते हैं। विशिष्ठ अतिथि समाजसेवी राकेश सिंह, नपाध्यक्ष श्वेता जायसवाल, बैकुंठ नाथ कुशवाहा, जियालाल व अरविन्द जायसवाल ने कहा कि वार्षिकोत्सव कार्यक्रम से स्कूल और अभिभावकों के बीच तालमेल और मजबूत होता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुन्नीलाल शर्मा ने किया I प्रधानाचार्य विन्देश्वर गिरी ने आये अतिथियों व अभिभावकों के प्रति आभार प्रकट किया I इस अवसर पर प्रबंधक गोपाल जायसवाल, कृपा नारायण सिंह, सचिन सिंह, प्रमोद मिश्रा, नबाब हुसैन, जितेन्द्र भारत, पंकज शर्मा, जगदीश यादव, दिवाकर राम त्रिपाठी, रामेश्वर यादव, फायानाथ यादव आदि मौजूद रहें I
























































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