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राज्य स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी -2025 का किया गया आयोजन

लखनऊ- 30 सितंबर, राज्य स्तरीय रबी उत्पादकता गोष्ठी -2025 का आयोजन मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया गया। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए हुए लगभग 1500 किसान इस प्रत्यक्ष संवाद का हिस्सा बने। इस अवसर पर किसानों द्वारा अपनाए जा रहे उनके नवाचारी अनुभवों को साझा किया गया। साथ ही आगामी रबी सीजन के लिए सरकार द्वारा बनाई गई रणनीति के विषय में किसानों को अवगत कराया गया।

कृषि राज्य मंत्री  बलदेव सिंह औलख द्वारा बताया गया कि गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष किसानों को अधिक खाद उपलबध करायी जा रही है। कृषकों से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा रासायनिक उर्वरकों के कम से कम प्रयोग का अनुरोध किया गया। बिजली के लिये सोलर की व्यवस्था की गयी है, ताकि दूर स्थित खेत पर भी  आसानी से बिजली पहुंच सके।

गोष्ठी के अध्यक्ष कृषि उत्पादन आयुक्त  दीपक कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नौ अलग-अलग क्लाइमेट जोन हैं। इसी के अनुसार किसानों की जरूरतों में भी विविधता है। प्रदेश सरकार के सहयोग से हर क्षेत्र के किसान आज समृद्ध हो रहे हैं। हमारी सरकार तकनीक एवं नवाचार तथा बीज से लेकर बाजार तक किसानों का सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य संस्करण  बीएल मीणा ने कहा कि परंपरागत खेती के साथ-साथ औद्यानिक फसलों के उत्पादन से किसानों को अधिक लाभ हो रहा है। साथ ही यूपी सरकार द्वारा उoप्रo खाद्य प्रसंस्करण नीति के तहत प्रसंस्करण यूनिट स्थापित करने हेतु अनुदान दिया जा रहा।

प्रमुख सचिव कृषि  रवींद्र ने इस अवसर पर बताया कि गेहूॅ, सरसों, चना ,मसूर व गन्ने पर एमएसपी की व्यवस्था है, तथा उर्द व अरहर को एमएसपी पर खरीदने की रुपरेखा तैयार की जा रही है। विभाग किसानों को शत-प्रतिशत उर्वरक उपलब्ध कराने के लिये प्रतिबद्व है। किसानों की आय में बढ़ोत्तरी हेतु किसानों को उनके कृषि उत्पाद पर आधारित प्रसंस्करण उद्योग से जोड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष  श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि हमें कृषि को धारणीय तथा अधिक लाभदायक बनाने के लिए पशुपालन को समान महत्व देना होगा।

कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी द्वारा बताया गया कि प्रदेश में बीज व खाद की पर्याप्त व्यवस्था कर दी गयी है। किसानों को रबी की बुवाई में किसी भी निवेश की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा, उन्होंने अधिकारियों को मृदा स्वास्थ्य हेतु किसानों को जागरुक करने के निर्देश दिया। 

गोष्ठी के तकनीकी सत्र में विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के वैज्ञानिकों द्वारा गेहूॅ, सब्जी के साथ-साथ प्राकृतिक खेती व यंत्रों द्वारा खेती पर विस्तृत जानकारी कृषकों को दी गयी। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले लखनऊ मंडल के किसानों को सम्मानित ही किया गया।

इस अवसर पर आयुक्त एवं निबन्धक सहकारिता  योगेश कुमार, आयुक्त लखनऊ मण्डल लखनऊ  विजय विश्वास पंत के साथ-साथ निदेशक पशुपालन, मण्डी एवं कृषि निदेशालय तथा लखनऊ मंडल के कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न जनपदों से लगभग 1500 किसानों द्वारा प्रतिभाग किया गया।


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