मेडिकल कालेज, जौनपुर में बायोमेडिकल वेस्ट (BMW) मैनेजमेंट का प्रशिक्षण सम्पन्न
जौनपुरः उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर की प्राचार्या प्रो० डा० रूचिरा सेठी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, प्रो० डा० ए०ए० जाफरी के दिशा निर्देश में डा० पूजा पाठक, नोडल अधिकारी बायोमेडिकल वेस्ट (BMW) द्वारा 03 जुलाई, 2025 को कालेज के नर्सिंग अधिकारी, एम०पी० डब्ल्यू हेल्थ एवं एम०पी० डब्ल्यू जनरल को PPT के माध्यम से प्रोजेक्टर पर क्लीप दिखाकर बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेन्ट के बारे में प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि "हर स्वास्थ्य कर्मी की जिम्मेदारी है कि वह बायोमेडिकल कचरे को सुरक्षित रूप से संभाले और समाज को संक्रमण मुक्त बनाए।"जैसा कि हम जानते हैं, बायोमेडिकल वेस्ट अर्थात चिकित्सा कार्यों से उत्पन्न वह अपशिष्ट, जिसमें शरीर के तरल पदार्थ, औषधियाँ, ब्लेड, सुई, संक्रमित वस्तुएँ आदि शामिल होते हैं- यदि इन्हें उचित तरीके से अलग न किया जाए और समय पर निपटाया न जाए, तो यह गंभीर संक्रमण फैला सकते है। यह न केवल मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए खतरा बन सकता है, बल्कि पूरे समाज और पर्यावरण को नुकसान पहुँचा सकता है। हमें बायोमेडिकल वेस्ट को सही रंग के डस्टबिन में डालना चाहिए, और उसे सुरक्षित रूप से संग्रहित तथा लेबल करना चाहिए तथा नियमों के अनुसार निष्पादन करना चाहिए। इसके साथ हमें यह भी समझने कि आवश्यकता है कि हमारे द्वारा बरती गई एक छोटी सी लापरवाही किसी अन्य के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। हम सभी की यह जिम्मेदारी है कि हम इस प्रशिक्षण को केवल औपचारिता न मानें, बल्कि जो कुछ हम सीखें, उसे अपने व्यवहार में अपनाएं और अपने साथियों को भी जागरूक करें।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा० ए०ए० जाफरी ने प्रशिक्षण में बताया कि बायोमेडिकल वेस्ट प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है चाहे हम डॉक्टर हों, नर्स हों, टेक्नीशियन हों, सफाईकर्मी हों या प्रशासनिक अधिकारी। हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम सही ज्ञान प्राप्त करें और उसे नियमित रूप से कार्यान्वयन में लाएं।
हमारे अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट के पृथक्करण, संग्रहण, लेबलिंग, परिवहन और निष्कासन की समुचित प्रक्रिया अपनाई जा रही है। परंतु हमें यह सुनिश्चित करना है कि हर कर्मचारी प्रशिक्षित हो, जागरूक हो और नियमों का पालन करे। मैं प्रशिक्षको का आभार व्यक्त करता हूँ, जो इस महत्वपूर्ण विषय पर आपको प्रशिक्षण दे रहे हैं। साथ ही, मैं सभी उपस्थित कर्मचारियों से अपेक्षा करता हूँ कि वे इस प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और इसे अपने दैनिक कार्य में आत्मसात करें। अन्त में मैं यही कहना चाहूंगा किः "स्वच्छता, सुरक्षा और स्वास्थ्य की दिशा में बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन एक आवश्यक कदम है। हम सब मिलकर इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएं।"
इस अवसर पर डा० ले० कर्नल सी०बी०एस० पटेल, डा० सरिता पाण्डेय, डा० राजश्री यादव, डा० अरविन्द पटेल, डा० चन्द्रभान, डा० जितेन्द्र, डा० अचल सिंह, डा० ममता, डा० नवीन कुमार सिंह, डा० आदर्श यादव, डा० बृजेश, डा० अरविन्द यादव, डा० जय सूर्या, डा० अलिशा अंजुम, डा० पंकज कुमार इत्यादि चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारीगण प्रशिक्षण के लिए उपस्थित रहें।






















































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