Religion and Culture / धर्म और संस्कार

महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ को ना चढ़ाएं ये चीजें, वरना देख सकता है भगवान के क्रोध का कहर

भक्ति सागर: हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि में महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का एक खास महत्व है। इसी के साथ यह पर भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के लिए भक्तों द्वारा व्रत रखा जाता है और पूजा अर्चना की जाती है। इस पूजा में भगवान शिव को बेलपत्र, धतूर, फूल फल समेत कई चीजें अर्पित की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि भगवान की मन पसंदीदा चीजें अर्पित करने से पूजा सफल होती है और मनोकामना भी पूरी हो जाती है।लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने वाले हैं जैसे भूलकर भी महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को अर्पित ना कशिवलिंग पर अर्पित ना करें यह चीजें
तुलसी
हिंदू धर्म में तुलसी का विशेष महत्व होता है लेकिन इसे शिवलिंग पर अर्पित करना वर्जित माना जाता है। इसलिए भूल कर भी महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव पर तुलसी का अर्पण ना करें। भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए बेलपत्र या शमी पत्र चढ़ाएं।
केतकी का फूल
बता दे कि भगवान शिव की पूजा में केतकी का फूल भूलकर भी ना चढ़ाएं। पौराणिक कथाओं के मुताबिक एक बार केतकी फूल ने भगवान ब्रह्मा का एक झूठ में साथ दिया था जिसके बाद भोलेनाथ के क्रोध में केतकी फूल को श्राप दे दिया। यही वजह है कि भगवान शिव की पूजा में केतकी का फूल वर्जित माना जाता है।
शंख
भगवान शिव की पूजा में कभी शंख का प्रयोग नहीं किया जाता। मान्यता है कि शंखचूड़ नाम का एक असुर भगवान विष्णु का भक्त था, जिसका भोलेनाथ ने संहार  किया था। शंख को शंखचूड़ का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि भोलेनाथ की पूजा के दौरान शंख का इस्तेमाल नहीं किया जाता।


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